बदलापुर एनकाउंटर पर सियासी संग्राम, शिवसेना ने बांटी मिठाई
महाराष्ट्र में मुंबई से सटे ठाणे के बदलापुर उत्पीड़न कांड के मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। पुलिस बदलापुर स्कूल कांड के अलावा दो अन्य मामलों में उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए तलोजा जेल लेने पहुंची थी। जानकारी के मुताबिक पहले आरोपी ने पुलिस की रिवॉल्वर छीनी और फिर पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। इस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलीबारी की, जिसमें आरोपी के सिर पर गोली लग गई। गोली लगते हुए आरोपी लहूलुहान हो गया, जिसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। अक्षय शिंदे को ठाणे के बदलापुर स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में दो बच्चियों के यौन उत्पीड़न में मामले में अरेस्ट किया गया था। ठाणे के पुलिस कमिश्नर ने मीडिया से बातचीत में इस घटना की पुष्टि की है।
बदलापुर रेप केस के आरोपी अक्षय शिंदे की गोली लगने से हुई मौत के मामले में सबसे दिलचस्प बात ये है कि एनकाउंटर के बाद बदलापुर रेलवे स्टेशन पर शिवसेना नेता ने मिठाई बांटी. आरोपी के मारे जाने के बाद शिवसेना के कई नेता बदलापुर स्टेशन पर पोस्टर बैनर लेकर आए थे और उन्होंने मिठाई बांटी. दरअसल, बदलापुर स्टेशन वहीं जगह है, जहां नाबालिग से रेप के बाद हजारों की संख्या में लोग जुटे और आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे थे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह घटना पुलिस हिरासत में मौत से संबंधित है। इसकी जांच महाराष्ट्र सीआईडी करेगी। उन्होंने आगे बताया कि सीआईडी की एक टीम मुंब्रा बाईपास पर उस स्थान का दौरा करेगी, जहां घटना हुई थी। वे उन पुलिसकर्मियों के बयानों को भी रिकॉर्ड करेंगे, जो घटना के दौरान वाहन में मौजूद थे। सीआईडी अधिकारी आरोपी अक्षय शिंदे के माता-पिता के बयान को भी रिकॉर्ड करेंगे।
बदलापुर मामले का आरोप अक्षय शिंदे सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक गोली API मोरे की जांघ पर लगी। तभी सीनियर इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने आरोपी अक्षय शिंदे पर गोली चलाई, जो उसके सिर में लगी। अस्पताल में डॉक्टरों ने अक्षय को मृत घोषित कर दिया। अक्षय शिंदे के शव को मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए ठाणे के कलवा नागरिक अस्पताल से सरकारी जेजे अस्पताल ले जाया गया। वरिष्ठ डॉक्टरों की उपस्थिति में कैमरे में पोस्टमार्टम किया जाएगा। अक्षय शिंदे के पिता ने अपने बेटे की मौत पर जांच की मांग की। आरोपी के परिवारवालों ने पुलिस के दावों को चुनौती दी। अक्षय की मां और चाचा ने कहा कि एनकाउंटर एक साजिश है। हम उसका शव नहीं लेंगे। शिवसेना ने एनकाउंटर के बाद बदलापुर में मिठाई बांटकर जश्न मनाया।

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 17 अगस्त को पुलिस ने किंडरगार्टन में पढ़ रहीं दो बच्चियों से उत्पीड़न मामले में स्कूल के अटेंडेंट को गिरफ्तार किया था। शख्स पर किंडरगार्टन में पढ़ रहीं तीन और चार साल की दो बच्चियों से उत्पीड़न का आरोप था। बच्चियों के परिजनों की तरफ से दी गई शिकायत के मुताबिक, अटेंडेंट ने लड़कियों का स्कूल के टॉयलेट में ही उत्पीड़न किया था। लड़कियों ने इस घटना के बारे में अपने माता-पिता को बताया था। इसके बाद मामले में शिकायत दर्ज हुई और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कानून की धाराओं में केस दर्ज हुआ। उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना पर स्कूल के प्रबंधन ने सोमवार को बयान जारी किया और कहा कि उसने प्रिंसिपल के साथ, एक क्लास टीचर और महिला अटेंडेंट को भी निलंबित कर दिया है। घटना को लेकर स्कूल की तरफ से माफी भी मांगी गई है।
ठाणे पुलिस ने दो बच्चियों के यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे को एक अन्य मामले में ट्रांजिट रिमांड पर लिया था। पुलिस उसे बदलापुर लेकर आ रही थी। रास्ते में पुलिस पर फायरिंग के बाद उसका एनकाउंटर हुआ। अक्षय शिंदे की पत्नी ने उसके ऊपर आप्राकृतिक ढंग से सेक्स करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अक्षय शिंदे की दोनों पत्नियों ने केस दर्ज कराए थे। बदलापुर स्कूल में बच्चियों के यौन शोषण के मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। इस मुद्दे पर महाविकास आघाडी ने महाराष्ट्र बंद भी बुलाया था जिसे बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद वापस लेना पड़ा था।
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उन्होंने घटना की जांच की मांग की। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह चौंकाने वाला है। इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस: पुलिस वारंट के साथ अक्षय शिंदे को जांच के लिए ले जा रही थी। उसने पुलिस की पिस्टल छीन ली। उसने पुलिस कर्मियों गोली चलाई और हवाई फायरिंग भी की। पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई। विपक्ष हर बात पर सवाल उठाता है। वही विपक्ष आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहा था। अगर उसने पुलिस पर हमला किया होता तो क्या पुलिस आत्मरक्षा नहीं करती? इसे लेकर कोई भी मुद्दा बनाना गलत है।
आरोपी का परिवार: अक्षय ने हमें बताया था कि उसे पुलिस हिरासत में पीटा जा रहा है और उसने पैसे भेजने के लिए एक चिट भी भेजी थी। पुलिस ने उससे कुछ लिखवाया भी था, लेकिन हमें नहीं पता कि यह क्या है। अक्षय पटाखे फोड़ने और सड़क पार करने से डरता था। फिर पुलिसकर्मियों पर गोली कैसे चला सकता है।
