नासिक में आवारा कुत्तों के आतंक से नाराज शिवसेना (उबाठा) कार्यकर्ता ने बोरियों से निकालकर अधिकारी के कक्ष में छोड़े कुत्ते, मामला दर्ज
जा. न्यूज़।
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा तरीका सामने आया है। शिवसेना (उबाठा) के एक कार्यकर्ता और उसके साथियों ने नगरपालिका अधिकारी के कार्यालय में घुसकर उनकी मेज पर दो आवारा कुत्ते छोड़ दिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब शिकायतों के बावजूद नगर निकाय समस्या का समाधान नहीं कर रहा, तो अधिकारी को समस्या का ‘सामना’ सीधे अपने कार्यालय में ही करना चाहिए।
घटना निफाड क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, विक्रम रंधावे और उनके सहयोगी कुत्तों को बोरियों में भरकर नगरपालिका अधिकारी के कक्ष में पहुंचे। इसके बाद कथित तौर पर जबरन कक्ष में प्रवेश कर दोनों कुत्तों को अधिकारी की मेज पर छोड़ दिया गया। घटना से कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कुत्तों को बोरी में लाने पर भी फंसे प्रदर्शनकारी
पुलिस ने इस मामले में सरकारी कर्मचारी के आधिकारिक काम में बाधा डालने के आरोप में रंधावे और उनके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही पशु क्रूरता से संबंधित प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि कुत्तों को बोरियों में भरकर लाया गया था, जिसे पशुओं के साथ क्रूर व्यवहार के रूप में देखा गया।
आदित्य ठाकरे बोले—मुद्दा सही, तरीका गलत
घटना पर शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नगर निकाय के अधिकारियों की निष्क्रियता को उजागर करने के लिहाज से प्रदर्शनकारियों की नाराजगी समझ में आती है, लेकिन कुत्तों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे वह आहत हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा नहीं करने की चेतावनी दी।
आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रशासन को घेरने निकले प्रदर्शनकारियों ने अधिकारी को ही ‘समस्या’ सामने लाकर दिखा दी, लेकिन विरोध का यह तरीका अब उनके लिए कानूनी मुसीबत बन गया है।
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