6 से 8 नवंबर तक आयोजित होने वाले दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को होगा। इस दौरान अयोध्या के प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा।
10 भव्य द्वार देंगे दीपोत्सव का खास लुक
अयोध्या में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को दीपोत्सव की भव्यता का एहसास कराने के लिए प्रमुख मार्गों और धर्म पथ पर रामायण थीम वाले 10 सजावटी द्वार तैयार किए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से आने वाले मार्गों पर बनाए जाने वाले इन द्वारों की डिजाइन और सजावट एक-दूसरे से अलग होगी।
रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर बनेंगे 20 सेल्फी प्वाइंट
दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जाएंगे। अलग-अलग डिजाइन और थीम वाले इन इंस्टॉलेशन में अयोध्या और दीपोत्सव की झलक दिखाई देगी। त्रि-आयामी कलाकृतियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी तक आर्ट इंस्टॉलेशन भी तैयार किए जाएंगे।
पुष्पक विमान और राम रथ होंगे आकर्षण का केंद्र
दीपोत्सव में राम की पैड़ी के पास पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही रामायण के प्रसंगों को जीवंत करने के लिए राम रथ और झांकी भी सजाई जाएगी।
राम की पैड़ी के पास भव्य राम दरबार, जबकि रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे। सरयू और राम की पैड़ी पर आकर्षक फ्लोटर्स भी दीपोत्सव की खूबसूरती में चार चांद लगाएंगे।
नए कलेवर में नजर आएगा रामकथा मंच
रामकथा पार्क का स्थायी मंच भी इस बार नए अंदाज में नजर आएगा। मंच पर एलईडी स्क्रीन, रंगीन थीम आधारित कपड़े, पुष्प सज्जा, रंगोली और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश और निकास द्वारों को भी भारतीय संस्कृति और रामायण के प्रसंगों पर आधारित डिजाइन से सजाया जाएगा।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नए रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। रामायण थीम की सजावट, रोशनी और कलात्मक स्थापनाओं के जरिए श्रद्धालुओं को रामनगरी का दिव्य और भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा।
