बाणगंगा की सुरक्षा के लिए महानगरपालिका के साथ नागरिक भी सहयोग करें – मंगल प्रभात लोढ़ा
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया बाणगंगा तालाब का निरीक्षण

जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। वालकेश्वर स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व वाले पवित्र बाणगंगा तालाब में दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में मछलियों के मृत पाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान महानगरपालिका के डी विभाग के सहायक आयुक्त संतोष सालुंखे और स्थानीय नगरसेवक सन्नी सानप उपस्थित थे।
मंगल प्रभात लोढा ने कहा कि पितृपक्ष की पृष्ठभूमि में तालाब की पवित्रता और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देश मे सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत वार्ड के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा बाणगंगा तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया था। पितृपक्ष के दौरान बाणगंगा तालाब में पिंडदान सहित विभिन्न धार्मिक विधियों के लिए बड़ी संख्या में नागरिक आते हैं। इन विधियों में उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्री तालाब के पानी में छोड़े जाने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ जलजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए तालाब परिसर में तत्काल स्वच्छता अभियान चलाया गया।

गत गुरुवार को महानगरपालिका के वार्ड अधिकारियों के साथ बाणगंगा तालाब परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया था। पितृपक्ष के दौरान बढ़ने वाली नागरिकों की भीड़ को देखते हुए धार्मिक विधियों में उपयोग की जाने वाली सामग्री तालाब अथवा उसके आसपास न डाली जाए, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश महानगरपालिका को दिए गए हैं।
स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जलजीवन के संरक्षण के लिए महानगरपालिका द्वारा आवश्यक उपाय तत्काल किए जाएं। तालाब के आसपास 10 कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे। साथ ही दूषित पानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पंपों की संख्या बढ़ाई जाएगी। आगामी शनिवार को पितृपक्ष की अवधि समाप्त होगी और इस दौरान बाणगंगा तालाब परिसर में बड़ी संख्या में नागरिक धार्मिक विधियों के लिए आते हैं। इसलिए पितृपक्ष की शेष अवधि के साथ-साथ इसके बाद भी तालाब परिसर में स्वच्छता बनी रहे, इसके लिए महानगरपालिका आवश्यक सावधानी बरते, ऐसे निर्देश कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिए।
बाणगंगा तालाब में पर्यावरण अनुकूल पिंडदान का आह्वान
पिंडदान विधि के दौरान उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्री तालाब के पानी में छोड़ी जाती है। जलजीवों द्वारा इन पदार्थों का सेवन किए जाने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। इसलिए बाणगंगा तालाब में धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण अनुकूल तरीके से पिंडदान की विधियां करने का आह्वान किया गया है।
बाणगंगा की पवित्रता बनाए रखने की अपील
बाणगंगा तालाब का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक यहां धार्मिक विधियों के लिए आते हैं। अपने पूर्वजों का स्मरण और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण का संरक्षण करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। तालाब में जलजीवन की सुरक्षा के लिए नागरिक पानी में तेल, घी, मिठाई अथवा अन्य सामग्री डालने से बचें और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पिंडदान की विधियां करें। बाणगंगा की पवित्रता, स्वच्छता और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के साथ नागरिक भी सहयोग करें।
— मंगल प्रभात लोढ़ा, कैबिनेट मंत्री
