
गोवा में निधन, पुणे के नानाची वाड़ी में अंतिम संस्कार
जा. न्यूज़.
मुंबई। क्रांतिवीर’ से लेकर ‘तिरंगा’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में अलग पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बृहस्पतिवार को उनका पार्थिव शरीर पुणे लाया गया। पुणे के बाहरी इलाके स्थित उनके फार्म हाउस नानाचा वाड़ी में देर रात राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। नाना पाटेकर के सामाजिक संगठन ‘नाम फाउंडेशन’ के सीईओ गणेश थोराट ने बताया कि नाना का पार्थिव शरीर शाम करीब 5 बजे पुणे लाए जाने के बाद अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया।
नाना पाटेकर के निधन पर प्ररधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सहित राजनीति व फ़िल्म जगत से जुड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नाना पाटेकर किसानों की आवाज उठाते रहते थे। नाना खुद भी बड़े किसान थे और 27 एकड़ के फार्म हाउस में खेती करते थे। यहां वह अलग-अलग फसलें उगाते थे।
नाना पाटेकर का बचपन और परिवार
पिता पेंटर थे, दिल के दौरे से ही मौत हुई थी। नाना पाटेकर का जन्म महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुद-जंजीरा में एक मराठी परिवार में हुआ था, तब उनका नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनके पिता दिनकर पाटेकर पेंटर थे और जब नाना बच्चे थे, तब दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई थी। उनकी मां संजनाबाई पाटेकर उनकी जिंददगी में एक अहम हस्ती बनी रहीं।
नाना जितने बड़े कलाकार पर्दे पर थे, उतने ही बड़े दिल के इंसान भी थे – फडणवीस
नाना पाटेकर के अचानक निधन पर मुझी देवेंद्र फडणवीस शोक व्यक्त करते हुए कहा कि नाना पाटेकर का निधन एक बहुत बड़ा सदमा है। उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा को एक पूरा युग दिया था और सिनेमा के अलावा सूखे और अकाल जैसी स्थितियों में किसानों व जरूरतमंदों की मदद करके समाज के लिए बड़ा काम किया। उनके अचानक चले जाने से मन बेहद दुखी है। नाना जितने बड़े कलाकार पर्दे पर थे, उतने ही बड़े दिल के इंसान भी थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे कहा कि नाना ने ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक के सफर में उन्होंने दमदार और उम्दा अभिनय की जो मिसाल कायम की, उसका कोई सानी नहीं है। इसलिए एक अभिनेता के रूप में उनका जाना बहुत बड़ी क्षति है। किसानों की मदद करना हो या सूखे के दौर में सहायता का हाथ बढ़ाना, नाना हमेशा अग्रणी रहे। इस वर्ष भी जब हम सूखे का सामना कर रहे हैं, तब नाना कभी पीछे नहीं रहते, लेकिन वे अचानक हमें छोड़कर चले गए। मैं उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनके परिवार और उनके चाहने वालों के दुख में हम सहभागी हैं।
नाना पाटेकर के निधन से महाराष्ट्र का बुलंद आवाज शांत : शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि नाना पाटेकर का निधन फिल्म जगत, महाराष्ट्र और उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत बड़ी क्षति है। उनके निधन से महाराष्ट्र का स्वाभिमान और मराठी माणूस का अभिमान खो गया है। नाना पाटेकर अभिनय की जीवंत पाठशाला थे। संवाद अदायगी से लेकर भाव-भंगिमा तक उन्होंने अपनी अलग शैली बनाई। पर्दे पर दमदार नजर आने वाले नाना वास्तविक जीवन में बेहद सरल और जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। ‘नटसम्राट’ जैसी भूमिका में उनके अभिनय की ताकत हमेशा याद की जाएगी। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि नाम फाउंडेशन के माध्यम से नाना पाटेकर ने किसानों और सूखा प्रभावित परिवारों के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। संकटग्रस्त किसान परिवारों की मदद के लिए उन्होंने स्वयं पहल की। किसानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक कार्यों को महाराष्ट्र कभी नहीं भूलेगा।
नाना पाटेकर के निधन से भारतीय कला जगत और समाजसेवा को बड़ी क्षति – सुनेत्रा पवार
अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से भारतीय कला जगत और सामाजिक क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने दमदार और सहज अभिनय से मराठी के साथ-साथ भारतीय फिल्म और रंगमंच को समृद्ध किया।
सुनेत्रा पवार ने कहा कि नाना पाटेकर केवल उत्कृष्ट अभिनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक चेतना वाले व्यक्तित्व भी थे। रंगमंच से लेकर रुपहले पर्दे तक उन्होंने अनेक यादगार भूमिकाओं को जीवंत किया। ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की अमिट छाप हमेशा दर्शकों के दिलों में बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर और पवार परिवार के बीच बेहद आत्मीय संबंध थे। उनके पति अजित पवार के साथ नानासाहब के बहुत ही आत्मीय, स्नेहपूर्ण और करीबी संबंध थे। पारिवारिक सुख-दुख के अवसरों पर वे हमेशा साथ खड़े रहे। इसलिए उनका निधन उनके और पूरे परिवार के लिए व्यक्तिगत रूप से भी बेहद दुखद है।
असाधारण प्रतिभा के धनी थे नाना – लोढा
राज्य के कौशल्या विकासंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद दुखद है। अपनी असाधारण अभिनय प्रतिभा और संवेदनशील व्यक्तित्व से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर हमेशा के लिए अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन से कला और फिल्म जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि नाना पाटेकर हमेशा मराठी मानुष और विभिन्न सामाजिक मुद्दों के लिए मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने सैनिकों, पुलिसकर्मियों का समर्थन करने और युवाओं के कल्याण में उनकी सक्रिय भूमिका को सराहा।
सफल कलाकार ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक मुद्दों के प्रति भी बेहद प्रतिबद्ध थे – शरद पवार
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए शरद पवार ने कहा कि उनके जाने से भारतीय सिनेमा में एक असामान्य, संवेदनशील और प्रभावी पर्व समाप्त हो गया है। पवार ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने दमदार अभिनय, संवाद बोलने के अनोखे अंदाज और हर भूमिका में गजब की सहजता से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। पवार ने कहा कि वे केवल एक सफल कलाकार ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक मुद्दों के प्रति भी बेहद प्रतिबद्ध थे। ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से उन्होंने सूखे से पीड़ित किसानों और समाज के लिए जो कृतिशील कार्य किए, वह उनके व्यक्तित्व का एक बेहद प्रेरणादायी पहलू था।
नाना हमारे बीच नही रहे, विश्वास नहीं हो रहा -उद्धव ठाकरे
पूर्व मुख्यमंत्री व यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि विश्वास ही नहीं हो रहा कि नाना नहीं रहे। नाना पाटेकर हमारे बीच से चले गए, इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है। मराठी रंगमंच, मराठी सिनेमा और हिंदी फिल्मों के पर्दे पर उन्होंने राज किया। हिंदी फिल्म जगत में नाना मराठी अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक थे। मराठी होने के नाते नाना ने अपनी एक अलग धाक और पहचान बनाई थी।
जमीन से जुड़ा कलाकार चला गया – सपकाल
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल ने उनके निधन पर शोक जताते हुए जल संरक्षण और किसानों के हितों के लिए किए गए उनके अथक कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर उत्कृष्ट अभिनय, सामाजिक चेतना और मानवता के स्पर्श से समृद्ध एक बेहद संवेदनशील व्यक्तित्व थे, जो हमेशा लोगों के स्मरण में जीवित रहेंगे। उन्होंने नाना पाटेकर को एक ऐसा जमीन से जुड़ा कलाकार बताया, जिनका जीवन और सफर महाराष्ट्र की मिट्टी तथा ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ था।
बीजेपी महाराष्ट्र अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि हमने एक ऐसा इंसान खो दिया है जो किसानों की भलाई के लिए सिर्फ बातें नहीं करता था, बल्कि हमेशा इस सोच में रहता था कि उन्हें असल में खुशी और राहत कैसे दी जाए। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर जैसे संवेदनशील और सामाजिक रूप से प्रतिबद्ध व्यक्ति का चले जाना बेहद दर्दनाक है और उनका सामाजिक कार्य व योगदान हमेशा लोगों की यादों में जीवित रहेगा।
एनसीपी-अजीत पवार की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुनील तटकरे ने कहा कि नाना, तुम्हारी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी। नाना पाटेकर के जाने से कला जगत और पूरे महाराष्ट्र की ऐसी अपूरणीय क्षति हुई है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
शिंदे सेना के नेता उदय सामंत ने कहा को नाना पाटेकर के साथ उनके संबंध केवल परिचय या सार्वजनिक जीवन तक सीमित नहीं थे, बल्कि वह उनके बेहद करीबी मित्र थे। उन्होंने नाना पाटेकर के अभिनय सफर और ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से महाराष्ट्र के सूखे से प्रभावित किसानों और जलसंधारण के लिए किए गए सामाजिक कार्यों को याद किया और कहा कि कोकण की मिट्टी और किसानों से उनका गहरा नाता हमेशा याद रहेगा।
********
