कौशल आधारित शिक्षा में महाराष्ट्र की लंबी छलांग

4000 करोड़ रुपये में होगा आई टी आई संस्थानों का आधुनिकीकरण
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने युवाओं को पारंपरिक डिग्रियों से आगे बढ़ाकर वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कौशल आधारित शिक्षा का बड़ा रोडमैप पेश किया है। कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने विधान परिषद में ‘महाराष्ट्र निजी कौशल विश्वविद्यालय (स्थापना एवं विनियमन) दूसरा संशोधन विधेयक 2026’ पेश करते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं।
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा के तहत मुंबई की 108 वर्ष पुरानी इंडियन एजुकेशन सोसाइटी (IES) को निजी कौशल विश्वविद्यालय शुरू करने की मंजूरी दी गई है। इस विश्वविद्यालय में आर्किटेक्चर, डिजिटल मार्केटिंग, फिनटेक, स्पोर्ट्स एनालिटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और पब्लिक पॉलिसी जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। वहीं, आईटीआई के कायाकल्प के लिए 4,000 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।
मंत्री लोढ़ा ने बताया कि राज्य की आईटीआई संस्थाओं के आधुनिकीकरण के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सोलर और ड्रोन तकनीक जैसे नए जमाने के कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस परियोजना में विश्व बैंक और एशियन डिवेलपमेंट बैंक का सहयोग लिया जाएगा।
टाटा समूह का 3,000 करोड़ का मेगा प्रस्ताव
औद्योगिक प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए टाटा ग्रुप राज्य के प्रत्येक जिले में दो आईटीआई संस्थाओं को गोद लेकर उनके विकास में सहयोग करेगा। यह 3,000 करोड़ रुपये का बड़ा प्रस्ताव अगले कैबिनेट में लाया जाएगा।
1 लाख अंतरराष्ट्रीय नौकरियों का लक्ष्य
मंत्री लोढा ने कहा कि मुंबई के विद्याविहार स्थित स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल अकादमी के माध्यम से युवाओं को विदेशी रोजगार बाजार के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार ने 1 लाख युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कौशल विश्वविद्यालयों के व्यावसायीकरण पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। हर विश्वविद्यालय को 10 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देना अनिवार्य होगा। साथ ही, प्रबंधन समिति में सरकारी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे ताकि फीस वृद्धि और प्रशासनिक पारदर्शिता पर निगरानी रखी जा सके।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है और बदलती वैश्विक जरूरतों के अनुसार युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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