महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन में मनाया गया राहुल गांधी का जन्मदिन

जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर दादर स्थित में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की उपस्थिति में मोहन तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए राहुल गांधी के व्यक्तित्व और नेतृत्व का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया।
मोहन तिवारी ने कहा कि आज देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान अपने सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में देश को ऐसे नेता की आवश्यकता है, जिसमें राजनीतिक समझ के साथ वैचारिक दृढ़ता और असीम धैर्य हो, और राहुल गांधी इस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप से करते हुए कहा कि जैसे नीलकंठ ने विषपान कर सृष्टि की रक्षा की थी, वैसे ही राहुल गांधी भी आलोचना, अपमान और राजनीतिक हमलों को सहते हुए देश को एकजुट रखने का प्रयास कर रहे हैं। उनका यह संयम कमजोरी नहीं, बल्कि देश को प्रेम और भाईचारे के सूत्र में बांधने का संकल्प है।
तिवारी ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसका जन्म ही प्रतिरोध और संघर्ष की भावना से हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ राहुल गांधी का संघर्ष निरंतर जारी है और देशभर के लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि 4,000 किलोमीटर की पदयात्रा के माध्यम से उन्होंने देश के आम लोगों के दर्द, संघर्ष और उम्मीदों को करीब से समझा। “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान” का उनका संदेश आज भी देश में सामाजिक समरसता और लोकतंत्र की रक्षा का प्रतीक बना हुआ है।
मोहन तिवारी ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, पर्यावरण संरक्षण और नीट परीक्षा जैसे जनहित के मुद्दों पर राहुल गांधी की आवाज़ लगातार बुलंद रही है। उनका मानना है कि विपक्षी दलों और सहयोगी पार्टियों को साथ लेकर चलने की उनकी नीति भविष्य में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्प तैयार करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राहुल गांधी का “नीलकंठ” स्वरूप और अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष देश में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत करेगा।
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