मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने मालवणी टाउनशिप स्कूल के विकास के लिए घोषित किया एक करोड़ रुपये का फंड
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने कहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र देवेंद्र फडणवीस के शासन में विकास कार्यो में बाधा डालने वालों की दबंगई कतई बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मालवणी टाउनशिप स्कूल में प्रयास फाउंडेशन द्वरा आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने यह चेतावनी दी। इस दौरान उन्होंने इस स्कूल के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये निधि देने की घोषणा की।
कैबिनेट मंत्री लोढा ने कहा कि शासन निर्णय के अनुसार, मनपा स्कूल चलाने के लिए कोई भी संस्था आगे आ सकती है। यदि कोई संस्था बिना किसी शुल्क लिए प्रबंधन करने के लिए तैयार है, तो उसे अनुमति दी जा सकती है, ऐसा इस निर्णय में स्पष्ट उल्लेख है। इस निर्णय के अनुसार वर्तमान में निजी संस्थाओं के सहयोग से 30 से 35 स्कूल चल रहे हैं और उनमें मालवणी टाउनशिप स्कूल भी शामिल है। उन्होंने सवाल किया कि प्रयास फाउंडेशन की पहल से मालवणी क्षेत्र के छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है तो इसका विरोध क्यों?
मालवणी ने कहां से आये बांग्लादेशी और रोहिंग्या
मंत्री लोढा ने कहा कि मलाड में सबसे अधिक सरकारी जमीन थी, जिस पर भारी अतिक्रमण हुआ। अब मनपा स्कूलों की जमीन हड़पने की कोशिश हो रही है क्या? यहां के विधायक ने कौन सा विकास किया है, यह उन्हें बताना चाहिए। मंत्री ने यह भी सवाल किया कि मालवणी में इतनी बड़ी संख्या में रोहिंग्या और बांग्लादेशी कहां से आए? उन्हें इतना सहयोग किसने किया? इसके पीछे क्या मकसद है। लोढा ने कहा आज हम मालवणी में विकास का कार्य कर रहे हैं। बच्चों को उच्च स्तरीय सुविधाएं दे रहे हैं। इस निर्णय का विरोध करने वालों के बच्चे विदेश में पढ़ते हैं। उन्हें जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। आदरणीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के शासन में विकास कार्य में बाधा डालने वालों की दबंगई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक करोड़ की निधि से बनेगी विज्ञान प्रयोगशाला
मुंबई उपनगर जिला के पालकमंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री लोढा ने जिला योजना समिति के माध्यम से उक्त स्कूल के विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की व्यवस्था घोषित की। इस फंड से विज्ञान प्रयोगशाला, रोबोटिक्स लैब, कंप्यूटर लैब, जिम्नेज़ियम, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं स्कूल में उपलब्ध कराई जाएंगी। मंत्री लोढा ने इस कार्यक्रम में इस संबंध में पत्र भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री लोढा ने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च स्तरीय सुविधाओं के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए विरोधियों के दुष्प्रचार में न आएं।
