महामहिम राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया ‘स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0’ कार्यशाला का उद्घाटन

जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महामहिम राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने कहा कि ज्ञान को उद्योगों में रूपांतरित कर स्टार्टअप के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण सम्भव है। महामहिम ने नवोन्मेषी समाधानों में, चुनौतियों को अवसरों में तथा विचारों को उद्योगों में रूपांतरित करने की क्षमता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही आज की आर्थिक प्रगति की वास्तविक शक्ति है। इसलिए विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान न रहकर नवाचार, बौद्धिक संपदा, स्टार्टअप्स तथा सामाजिक परिवर्तन के केंद्रों के रूप में विकसित हों।
राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने दक्षिण मुंबई के यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के अंतर्गत रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय तथा आई स्पार्क फाउंडेशन द्वारा आयोजित दिवसीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी ‘स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर, एचपी इंडिया की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक इप्सिता दासगुप्ता, कौशल विकास आयुक्त डॉ. अमित सैनी, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, राज्यपाल सचिवालय के सहसचिव एस. राममूर्ति, महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटील, व्यवसाय एवं प्रशिक्षण संचालनालय के संचालक सतीश सूर्यवंशी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वैभव नारवडे तथा उद्योग जगत के गणमान्य व्यक्तियों, निवेशकों, मार्गदर्शकों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर राज्यपाल ने मेडिकल लैब तथा एचपी क्रिएटिव गैरेज लैब का भी उद्घाटन किया। कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का संदेश पढ़कर सुनाया।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि भारत में सृजनात्मकता और नवाचार की कोई कमी नहीं है, किंतु इन नवाचारों को समाजोपयोगी समाधानों तथा सफल उद्योगों में परिवर्तित करना आवश्यक है। इस दृष्टि से ‘स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0’ जैसा मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सिंगापुर, इज़राइल और स्विट्जरलैंड जैसे देशों के पास प्रचुर प्राकृतिक संसाधन नहीं होने के बावजूद उन्होंने मानव संसाधन, प्रौद्योगिकी और नवाचार के बल पर वैश्विक प्रगति हासिल की है। भविष्य में विश्वविद्यालयों की पहचान उनके द्वारा विकसित नवाचारों, सृजित बौद्धिक संपदा, प्रोत्साहित स्टार्टअप्स तथा समाज पर उनके सकारात्मक प्रभाव के आधार पर होगी।
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि सभी के समग्र विकास से है। भारतीय दर्शन ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ से प्रेरणा लेकर एक समावेशी, न्यायसंगत तथा सभी को समान अवसर प्रदान करने वाले समाज का निर्माण करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास का व्यापक लक्ष्य है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के लाभ पहुँचने चाहिए।

स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0 : नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली पहल – देवेंद्र फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संदेश में कहा कि रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय ने मात्र तीन वर्षों की अवधि में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा उद्योगोन्मुख शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार क्षमता में वृद्धि, उद्यमिता को प्रोत्साहन तथा नवाचार आधारित पहलों के माध्यम से 61 हजार से अधिक विद्यार्थियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। एमएसएसयू आईआर्क फाउंडेशन तथा इन्क्यूबेटर जैसी पहलों के माध्यम से नवोद्यमियों एवं युवा नवप्रवर्तकों के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। आईआईटी मद्रास प्रवर्तक के साथ साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ऑपरेशंस विषयक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, एचपी गेमिंग गैरेज तथा मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी प्रयोगशाला के उद्घाटन से विद्यार्थियों को उभरते उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अत्याधुनिक कौशल अर्जित करने का अवसर उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए नवाचार, स्टार्टअप्स और उद्यमिता आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार सृजन करने तथा नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

स्टार्टअप आंदोलन को प्रत्येक गांव तक पहुंचाया जाएगा – कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा
कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि स्टार्टअप आंदोलन केवल कुछ शहरों अथवा किसी विशेष वर्ग तक सीमित न रहकर राज्य के प्रत्येक गांव, विशेषकर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में राज्य के सभी जिलों में स्टार्टअप संस्कृति विकसित करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके लिए उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों तथा समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। महाराष्ट्र को न केवल देश का, बल्कि वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्टार्टअप केंद्र बनाने के लिए इस आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाने का राज्य सरकार ने संकल्प लिया है।
60 महाविद्यालयों में प्री-इन्क्यूबेशन केंद्र प्रारंभ – मनीषा वर्मा
अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के माध्यम से स्टार्टअप वीक, स्टार्टअप यात्रा, हैकाथॉन तथा इनोवेशन चैलेंज जैसी पहलों द्वारा राज्यभर के युवाओं को अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेटेंट के लिए वित्तीय सहायता, इन्क्यूबेटरों को सुदृढ़ बनाने, क्षेत्रीय नवाचार केंद्र स्थापित करने तथा विश्वविद्यालयों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय ने 60 महाविद्यालयों में प्री-इन्क्यूबेशन केंद्र प्रारंभ कर विद्यार्थियों को उद्योग, निवेशकों तथा मार्गदर्शकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। आईआईटी मद्रास के साथ हुए समझौता ज्ञापन के माध्यम से अभियांत्रिकी विद्यार्थियों को डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ऑपरेशंस विषय में प्रमाणित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि उपलब्ध कराई जाएगी।

विद्यार्थियों के विचारों को दिशा देने वाला पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा – डॉ. अपूर्वा पालकर
कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर ने कहा कि प्रयोगशालाओं की स्थापना करना तथा विद्यार्थियों के विचारों को प्रोटोटाइप और आगे चलकर स्टार्टअप में परिवर्तित करने हेतु उपयुक्त पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना समय की आवश्यकता है। महाराष्ट्र शासन ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स (एवीजीसी) तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। ‘महा एआई स्कूल’ पहल तथा एचपी क्रिएटर्स गैरेज लैब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे भविष्य के नवप्रवर्तक एवं उद्यमी तैयार होंगे, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया।
एचपी क्रिएटर्स गैरेज लैब्स’ के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण – इप्सिता दासगुप्ता
इप्सिता दासगुप्ता ने कहा कि मुंबई स्थित भारतीय सृजनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) तथा ‘महा एआई स्कूल’ पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी की शिक्षा एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। ‘एचपी ड्रीम्स अनलॉक्ड’ पहल के माध्यम से 4.5 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। राज्य सरकार के सहयोग से प्रारंभ होने वाली ‘एचपी क्रिएटर्स गैरेज लैब्स’ के माध्यम से विद्यार्थियों को गेम डिजाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा, कोडिंग आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण, हैकाथॉन तथा परियोजना-आधारित शिक्षण के अवसर उपलब्ध होंगे।

रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय एवं आईआईटी मद्रास के बीच समझौता ज्ञापन
महाराष्ट्र के विद्यार्थियों के लिए उद्योग-संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने के उद्देश्य से रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय एवं आईआईटी मद्रास के बीच गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत ऑनलाइन शिक्षा, प्रमाणपत्र, इंटर्नशिप तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। ‘वर्टिव’ कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि से एक निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत महाराष्ट्र के 1,500 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा मैकेनिकल शाखाओं के वर्ष 2026 में उत्तीर्ण तथा वर्ष 2027 में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण के अंतर्गत डेटा सेंटर ऑपरेशंस एवं इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, क्रिटिकल पावर एवं कूलिंग सिस्टम्स, भौतिक सुरक्षा प्रणाली, ऑपरेशंस एवं मेंटेनेंस पद्धतियां तथा उद्योग मानकों से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल होंगे। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से डेटा सेंटर तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे तीव्र गति से विकसित हो रहे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स की प्रदर्शनी में सहभागिता
स्टार्टअप प्रदर्शनी में कृषि, शिक्षा, फिनटेक, डीपटेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) तथा अन्य उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स द्वारा विकसित नवोन्मेषी उत्पादों एवं प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप मार्गदर्शन विषयों पर परिचर्चाओं का भी आयोजन किया गया।
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