30 अक्टूबर तक आवेदन करने का अवसर; विद्यार्थियों से लेकर स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं तक सभी ले सकेंगे भाग
राष्ट्रीय सुरक्षा, शहरी पलायन और श्रमिकों को गर्मी से बचाने जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नवाचारों को मिल रहा उत्स्फूर्त प्रतिसाद
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। केंद्रीय कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित बहुराज्यीय नवाचार प्रतियोगिता ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ को उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिल रहा है। महाराष्ट्र जोन से इस प्रतियोगिता में भाग लेने वालों की संख्या 65 हजार से अधिक हो गई है। बढ़ती भागीदारी को देखते हुए प्रतियोगिता के लिए 30 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर उपलब्ध है।
विभिन्न सामाजिक और सार्वजनिक समस्याओं के नवीन एवं व्यावहारिक समाधान खोजना इस प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा, शहरी पलायन और श्रमिकों को गर्मी से बचाने जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नवाचारों को प्रतिभागियों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिल रहा है।
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता के अंतर्गत राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष संभावित खतरे (जैसे सोशल मीडिया का दुरुपयोग और अवैध विदेशी वित्तपोषण), शहरी आबादी में बदलाव एवं पलायन, जनसंख्या के पलायन संबंधी प्रवाहों पर निगरानी, मेहनतकश श्रमिकों को गर्मी से बचाने तथा संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत व्यक्तियों, व्यावसायिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों को एक मंच पर लाने जैसे विषयों पर नवीन विचार प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इन क्षेत्रों में भी प्रतिभागियों की ओर से उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिल रहा है।
अब तक महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़ तथा केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव सहित महाराष्ट्र जोन से 65 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। इनमें 48,680 टीमों ने भाग लिया है। इसके अलावा, 3,787 महिलाओं और 18 वर्ष से कम आयु के 2,044 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। सामान्य वर्ग से 12,604 पंजीकरण हुए हैं, जबकि कुल 7,952 विचार प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू हुई है। नवप्रवर्तक, विद्यार्थी, विद्यार्थी समूह, शोधकर्ता, प्राध्यापक, स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कंपनियां, सामाजिक संस्थाएं तथा शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। समाज के सामने मौजूद समस्याओं की पहचान कर उनके लिए प्रौद्योगिकी आधारित और व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए यह प्रतियोगिता एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्तमान में महाराष्ट्र जोन से प्रतियोगिता में भाग लेने वालों की संख्या 65 हजार से अधिक हो गई है। 30 अक्टूबर तक इस संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।
कृषि, जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण और परिवहन जैसे दैनिक जीवन से जुड़े मुद्दों पर विद्यार्थियों को व्यावहारिक समाधान सुझाने का आह्वान भी किया गया है। स्वयंसेवी संस्थाएं विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान करने से लेकर समाधान विकसित करने और प्रतियोगिता के लिए आवेदन प्रस्तुत करने तक मार्गदर्शन दें। साथ ही, अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की संख्या, विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य, जानकारी देने वाले विद्यार्थियों की संख्या और प्रस्तुत किए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण आवेदनों की संख्या के संबंध में स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान भी किया गया है।
कहाँ करें आवेदन?
जमीनी स्तर के विद्यार्थियों के विचारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के लिए शासन, विद्यालयों और स्वयंसेवी संस्थाओं को समन्वय के साथ काम करना आवश्यक है, ऐसा मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक उम्मीदवार https://sevainnovationchallenge.in/ वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
********(*





