
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में एक बार फिर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। बोर्ड ने 29 अक्टूबर को जारी नए परिपत्र में तीन प्रस्तावित विषयों को फिलहाल पाठ्यक्रम से हटाने का फैसला लिया है। इन विषयों में ‘समाज में व्यक्ति’, ‘कंप्यूटेशनल थिंकिंग’ और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)’ शामिल हैं।
CBSE के इस फैसले के बाद एक बार फिर स्कूली शिक्षा की नई व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि पिछले सात महीनों में बोर्ड छठी बार पढ़ाई की योजना में बदलाव कर चुका है। इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूलों के सामने पाठ्यक्रम और नई शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
कक्षा 9 के पाठ्यक्रम से फिलहाल हटाए गए तीन विषय
बोर्ड की ओर से जारी नए परिपत्र के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित तीन विषयों को फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा।
इनमें समाज में व्यक्ति, कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल हैं। इन विषयों को नई शैक्षणिक व्यवस्था के तहत शामिल करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब इन्हें फिलहाल हटाने का निर्णय लिया गया है।
यह बदलाव खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो वर्ष 2027-28 में कक्षा 10 में पहुंचेंगे।
2027-28 में कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में भी होगा बदलाव
CBSE के अनुसार, वर्तमान कक्षा 9 के विद्यार्थी जब शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब उनके पाठ्यक्रम में पर्यावरण शिक्षा शामिल नहीं होगी।
हालांकि, वर्तमान में कक्षा 10 में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर इस बदलाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यानी यह व्यवस्था आने वाले शैक्षणिक सत्रों में लागू होने वाली नई योजना से संबंधित है।
सात महीने में छठी बार बदली पढ़ाई की योजना
CBSE की ओर से पिछले सात महीनों के दौरान पाठ्यक्रम और नई शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों में तीन भाषाओं की अनिवार्यता, तीसरी भाषा के चयन, उसके मूल्यांकन और नए विषयों को लागू करने से जुड़े फैसले शामिल रहे हैं।
बार-बार होने वाले इन बदलावों का असर स्कूलों की शैक्षणिक योजना, शिक्षकों की तैयारी और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ सकता है। ऐसे में स्कूलों को बोर्ड की ओर से जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी व्यवस्था तैयार करनी होगी।
जानिए, कब-कब हुए बड़े बदलाव
– 2 अप्रैल 2026: कक्षा 9 और 10 के लिए नई पढ़ाई योजना तथा तीन भाषा नीति जारी की गई।
– 9 अप्रैल 2026: तीसरी भाषा को कक्षा 9 में वर्ष 2029-30 तक लागू नहीं करने की छूट दी गई।
– 15 मई 2026: 1 जुलाई से कक्षा 9 में तीन भाषाओं को अनिवार्य करने का फैसला किया गया।
– 29 जून 2026: विद्यार्थियों को तीसरी भारतीय भाषा चुनने की छूट दी गई।
– 2 जुलाई 2026: तीसरी भाषा के मूल्यांकन के लिए सामग्री जारी की गई।
– 10 जुलाई 2026: भाषा नीति लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
– 29 अक्टूबर 2026: तीन प्रस्तावित विषयों को पाठ्यक्रम से हटाने का निर्णय लिया गया।

विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए क्या है इसका मतलब?
CBSE के इस फैसले के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने पाठ्यक्रम को लेकर नवीनतम जानकारी रखना जरूरी होगा। खासतौर पर कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को स्कूल की ओर से उपलब्ध कराए गए नए पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई करनी चाहिए।
अभिभावकों को भी पुराने पाठ्यक्रम या पहले जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर किताबें और अध्ययन सामग्री खरीदने के बजाय स्कूल से नए बदलावों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के लिए भी यह जरूरी होगा कि वे विद्यार्थियों को संशोधित पाठ्यक्रम की सही जानकारी दें, ताकि पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो।
नई शिक्षा व्यवस्था को लेकर आगे क्या?
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, बहुभाषी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों को शामिल करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना है।





