
जागरण डेस्क,
त्योहारों का मौसम आते ही मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बदलते दौर में अब मिठाइयों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। पहले जहां दिवाली पर पारंपरिक मिठाइयां और उपहार दिए जाते थे, वहीं अब बाजार में महंगी, आकर्षक और अनोखे डिजाइन वाली प्रीमियम मिठाइयों का चलन बढ़ रहा है। तकनीक, आधुनिक प्रयोग और अंतरराष्ट्रीय स्वाद के मेल ने पारंपरिक मिठाइयों को लग्जरी गिफ्ट का रूप दे दिया है।
मिठाई बाजार में अब ऐसी वैरायटी सामने आ रही हैं, जिनकी कीमत सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। कुछ खास मिठाइयों की कीमत एक लाख रुपये प्रति किलो से भी अधिक पहुंच गई है। इनमें सोने की भस्म, केसर, मेवे और खाने योग्य सोने की परत का इस्तेमाल किया जा रहा है।
₹1.11 लाख किलो की खास मिठाई बनी चर्चा का विषय
जयपुर के एक लग्जरी मिठाई ब्रांड की खास ‘स्वर्ण प्रसादम’ मिठाई इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसे पाइन नट्स, केसर और खाने योग्य सोने की भस्म से तैयार किया जाता है। इसकी कीमत करीब 1.11 लाख रुपये प्रति किलो बताई गई है। एक पीस की कीमत लगभग 3,000 रुपये तक है।
इसी तरह बाजार में सोने और चांदी की भस्म से तैयार की जाने वाली मिठाइयां भी प्रीमियम श्रेणी में अपनी जगह बना रही हैं।
जापानी तकनीक और भारतीय स्वाद का अनोखा संगम
मिठाई बनाने वाले कारीगर अब पारंपरिक भारतीय स्वाद को आधुनिक तकनीक और जापानी डिजाइन के साथ नया रूप दे रहे हैं। जापानी कारीगरी से प्रेरित रंग-बिरंगी मिठाइयां ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। इनमें पारंपरिक सामग्री के साथ आधुनिक सजावट और आकर्षक पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।

डोडा बर्फी को मिला मॉडर्न पाई का रूप
विदेशों में भी भारतीय मिठाइयों के साथ नए प्रयोग किए जा रहे हैं। न्यूयॉर्क में भारतीय मिठाई डोडा बर्फी को मॉडर्न पाई के रूप में पेश किया गया है। पारंपरिक स्वाद को नए अंदाज में परोसने का यह प्रयोग खासा आकर्षक है। इसकी कीमत करीब 75 डॉलर यानी लगभग 7,127 रुपये से शुरू बताई गई है।

24 कैरेट सोने की परत वाली काजू कतली
पारंपरिक भारतीय मिठाइयों में भी लग्जरी का तड़का लगाया जा रहा है। 24 कैरेट सोने की परत वाली काजू कतली इसका उदाहरण है। इसमें बेहतरीन काजू और खाने योग्य सोने की परत का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके 30 पीस वाले डिब्बे की कीमत करीब 21,000 रुपये है।
मिठाई बाजार में बिस्कॉफ बर्फी, चॉकलेट, कॉफी और अन्य विदेशी फ्लेवर के प्रयोग भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पारंपरिक भारतीय मिठाइयों को विदेशी स्वाद और आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है। इससे मिठाई कारोबार में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मिठाई अब सिर्फ स्वाद नहीं, स्टेटस और लग्जरी का प्रतीक
बदलती जीवनशैली और उपहार देने के नए तरीकों ने मिठाई बाजार को नया आयाम दिया है। अब ग्राहक सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि मिठाई की बनावट, डिजाइन, पैकेजिंग और उसकी खासियत को भी महत्व दे रहे हैं। यही वजह है कि प्रीमियम मिठाइयां महंगे उपहारों के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।
कुल मिलाकर, तकनीक और रचनात्मकता ने पारंपरिक मिठाइयों को आधुनिक बाजार में नई पहचान दी है। आने वाले समय में मिठाई कारोबार में ऐसे नए प्रयोग और भी देखने को मिल सकते हैं।





