वापी,
वापी महानगरपालिका और गुजरात आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में वापी के अजीतनगर, चला क्षेत्र में ‘स्वदेशी मेला (शॉपिंग फेस्टिवल)’ का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 28 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक चलेगा। दस दिवसीय इस मेले का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक रहेगा। मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
गुजरात सरकार के वित्त मंत्री तथा शहरी विकास एवं शहरी आवास मंत्री श्री कनुभाई देसाई के मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, कलाकारों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), छोटे उद्योगों और स्थानीय व्यापारियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
77 स्टॉल और 12 फूड स्टॉल होंगे आकर्षण
पिछले वर्ष मिले उत्साहजनक प्रतिसाद को देखते हुए इस बार स्वदेशी मेले को और व्यापक स्वरूप दिया गया है। मेले में कुल 77 स्टॉल और 12 फूड स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां नागरिकों को स्थानीय हस्तकला, कलात्मक वस्तुओं, स्वदेशी उत्पादों और विभिन्न प्रकार के खाद्य व्यंजनों की खरीदारी का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न राइड्स और खेल गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। आज के समय में धीरे-धीरे विलुप्त हो रही पारंपरिक देशी खेलों को भी मेले में शामिल किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजन की गतिविधियों से मेले में आने वाले नागरिकों को विशेष अनुभव मिलेगा।
‘वोकल फॉर लोकल’ को मिलेगा बढ़ावा
स्वदेशी मेले का प्रमुख उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों को प्रोत्साहित करना है। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों और ग्राहकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह मेला स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने तथा स्वदेशी उत्पादों के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
महानगरपालिका आयुक्त ने नागरिकों से की अपील
वापी महानगरपालिका के म्युनिसिपल कमिश्नर श्री एन. एफ. चौधरी (IAS) ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से शहरवासियों से स्वदेशी मेले में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने नागरिकों से स्थानीय कारीगरों, कलाकारों, स्वयं सहायता समूहों और व्यापारियों को प्रोत्साहित करने तथा स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। उन्होंने ‘स्वदेशी अपनाओ, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन दो और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाओ’ के संदेश को सार्थक करने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।





